Tuesday, 21 January 2014

पल भर की खुशी और जिंदगी भर का गम

ओ मेरी जिंदगी में क़ुछ इस तरह से आया 
और चला भी गया.……………………।  
कि पल भर की खुशी दे के जिंदगी भर का
गम दे गया। …………………………॥ 



 सर्वाधिकार सुरक्षित © विनोद जेठुडी
21 जनवरी, 2014 @ 6:40 A.M