Wednesday, 22 January 2014

सुःख - दुःख

मेरा ये तजुर्बा कहता………....!
दुःख के बाद फिर सुःख है आता..।  
पर, हर इंसान के जीवन में .... 
सुःख  कम और दुःख है जादा....॥   


सर्वाधिकार सुरक्षित © विनोद जेठुडी
22 जनवरी, 2014 @ 6:55 A.M