Tuesday, 2 August 2011

सपनो मे एक फूल खिला

सपने सजोकर सपना देखा..
सपनो मे एक फूल खिला..
थी दिल्ले तम्मना फ़ूल को पाना
फूल को मैने पा लिया...।

तूझसे मांगू मै दुवा..
सुन ले मेरे ये खुदा..
मुर्झाये ना फूल ये मेरा
हिबाजद करना इसकी सदा

फूलो से सिखा मुस्कुराना
जिन्दगी भर हंसते रहना
हंसते-हंसते समय बिताना
मध्यम-मध्यम सफ़र सुहाना

पूरा गाना पोस्ट नही किया गया है..

सर्वाधिकार सुरक्षित @ विनोद जेठुडी
12  फ़रवरी 2011 @ 23:03